- Get link
- X
- Other Apps
Featured post
loading...
loading...
- Get link
- X
- Other Apps

“क्या? तुम्हे बेटी हुई है? लो बैठे-बिठाये बढ़ गया ना खर्चा? अब दहेज़ कहाँ से आएगा? लड़की को पढाई का शौक लग गया तो उसका खर्चा कौन उठाएगा? आगे जाकर अगर इस लड़की ने कुछ गलत किया तो? अगर इसने परिवार का नाम ख़राब कर दिया तो. ……. इससे तो बेहतर होता अगर आप इसे पैदा होने से पहले ही मार डालते.”
एक बार अगर आप भी ये बातें सुनेंगें तो आपको किसी फिल्म या शो का डायलाग भर लगेगा लेकिन यकीन मानिये आज के ‘हर दिन आगे बढ़ रहे समाज’ का ये वो सच है जिससे शायद हम आप अनजान हैं. ढूँढने निकलेंगें तो आपको भी ऐसे कई मामले मिल जायेंगें जहाँ लोगों ने अपने घर में बेटी के जन्म लेने की वजह से कुछ ऐसा कर डाला है जिसे सुनकर आपको भी यकीन नहीं होगा. यानी की कहना गलत नहीं होगा कि कहीं-ना-कहीं कुछ लोग आज भी हैं जो बेटियों को महज़ बोझ समझते हैं लेकिन इन सब बातों से परे हाल ही में एक बेटी ने अपने पिता के लिए कुछ ऐसा किया है जिसे जानकर आप भी रो पड़ेंगें.

ऊपर ये जो तस्वीर आपको नज़र आ रही है वो है मुंबई की एक बहादुर बेटी पूजा बिजारनिया की. अब आप सोचेंगें कि पूजा ने ऐसा क्या किया है कि हम इन्हें बहादुर बता रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि पूजा ने अपने पिता को अपने लिवर का एक हिस्सा तोहफ़े में दे डाला है. सुनकर शायद एक बार में आपको भी यकीन ना हो लेकिन ये सच है.
एक डॉक्टर की पोस्ट से हुआ ख़ुलासा:
जी हाँ बीते दो दिनों से डॉ.रचित का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. अपने इसी पोस्ट में डॉ रचित ने पूजा के बारे में कुछ ऐसी बातें बताई हैं जिसे सुनकर आप भी खुश हो जायेंगें. डॉ. भूषण ने अपने इस मार्मिक पोस्ट में लिखा है कि, “ये स्टोरी उन लोगों के लिए एक जवाब है, जो सोचते हैं कि बेटियां बेकार हैं.” डॉ रचित ने बताया कि पूजा के पिता का लिवर काफी खराब हो चुका था ऐसे में अगर समय पर और समय रहते उनका ट्रांसप्लान्ट नहीं किया जाता तो आज शायद उनकी जान भी सकती थी. ऐसे में इस बात की भनक जैसे ही पूजा को लगी उन्होंने बिना वक़्त जाया किये अपने पिता के खराब हो चुके लिवर के ट्रांसप्लान्ट के लिए अपने लिवर का एक हिस्सा देने का फैसला ले लिया.

वाकई पूजा की इस दिलेरी का कोई क्या ही मुकाबला कर पायेगा? इतना ही नहीं पूजा की तारीफ़ में आगे डॉक्टर भूषण ने लिखा है कि, “पूजा हमारी रियललाइफ हीरो है जो लक, फीयर और इम्पॉसिबल जैसे छोटे शब्दों में विश्वास नहीं करती.” आगे अपने इस post में डॉक्टर ने साफ किया कि वो असल ज़िन्दगी में तो पूजा को नहीं जानते हाँ लेकिन पूजा यकीनन एक सुपरहीरो हैं जिन्होंने अपने पिता की जान बचाई है. हमें तुम पर गर्व है पूजा, हमे ज़रूरत है आपसे कुछ सीखने की. भगवान आपको हमेशा खुश रखें. जानकारी के लिए बताते चलें कि डॉ. रचित भूषण रांची (झारखंड) के सदर हॉस्पिटल में सिविल असिस्टेंट सर्जन हैं.
source - https://thenewscafe.co
loading...
Comments
Post a Comment