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ब्रेकिंग – बंगाल में डॉक्टर ने किया बड़ा खौफनाक खुलासा, पूरी दुनिया रह गयी हक्की बक्की

      

कोलकाता : जहाँ एक तरफ बंगाल सीएम ममता बनर्जी महारष्ट्र में उद्धव ठाकरे से मिलकर आगे राजनितिक मित्रता बढ़ा रही वहीँ दूसरी तरफ उनके खुद के राज्य में इतनी बड़ी अनदेखी जालसाज़ी की खबर सामने आना बेहद शर्मनाक बात है. ऐसे वक़्त में बिकाऊ मीडिया का भी दोहरा चरित्र सामने आ जाता है. यूपी में गोरखपुर के अस्पताल में मरते हुए बच्चों की खबर दिखाने वाला मीडिया बंगाल के अस्पताल पर अँधा क्यों बन जाता है ऐसा क्यों होता है की बंगाल के दंगे और बंगाल में होने वाली मौत को मीडिया वाले दिखाना पसंद नहीं करते.

बंगाल में डॉक्टर पर टूट पड़ा ममता सरकार का प्रकोप

अभी-अभी आजतक से मिल रही खबर अनुसार पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से बहुत बड़ी खबर आ रही है जहाँ के एक डॉक्टर को ममता बनर्जी सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलना और आलोचना करना इतना भारी पड़ गया कि ममता सरकार ने उन्हें बर्खास्त तक कर दिया और मीडिया वालों के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी.

नॉर्थ 24 परगना के बरसात में स्थित जिला अस्पताल के सीनियर डॉक्टर अरुणाचल दत्ता चौधरी ने सोशल मीडिया पर डेंगू की भीषण हो चली समस्या को लेकर सरकार की लापरवाही की आलोचना की है. सीनियर डॉक्टर चौधरी ने सोशल मीडिया पर डेंगू से निपटने में नाकामी को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की है.

डॉक्टर को धमकाया जा रहा है

यही नहीं डॉक्टर चौधरी ने ममता सरकार की पोल खोलते हुए आरोप लगाया है कि बरसात के जिला अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में डेंगू के मरीज आ रहे हैं और काफी संख्या में मरीजों की तड़प तड़प कर मौत भी हो रही है. लेकिन डॉक्टरों को धमकाया जा रहा है कि डेंगू मरीजों की मौत के कारण के रूप में डेंगू की जगह दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं दर्शायी जाएं, ताकि ममता सरकार डेंगू के कारण मरने वाले लोगों की संख्या कम कर दर्शा सके.
        

तस्लीमा नसरीन ने भी किया ट्वीट

यही नहीं खुद तस्लीमा नसरीन इस खबर से इतना ज़्यादा आहत हुई कि उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए निकाला. उन्होंने खुद इस खबर को लोगों तक पहुंचाया और बंगाली की असलियत लोगों को दिखाई.

मीडिया बनी धृतराष्ट्र

इस समस्या को सुलझाने के बजाय बंगाल के चिकित्सा विभाग ने डॉक्टर चौधरी के व्यवहार को अस्पताल के लिए ‘गैर प्रतिनिधत्व कारी और अपमानजनक’ करार देते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया. इससे साफ़ देखा जा सकता है कि किस स्तर पर तानाशाही का कहर आम जनता पर बरस रहा है.
लेकिन ऐसे वक़्त में टीवी मीडिया का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आ गया है. हालाँकि ये खबर आज तक ने अपनी साइट पर दी है लेकिन टीवी पर दिखाने की हिम्मत किसी मीडिया हाउस की नहीं होती. वहीँ पंचकूला में राम रहीम के समर्थकों के दंगों की ख़बरें तीन दिन 24 घंटे खुद रिपोर्टर ने वहाँ जाकर कूद-कूद कर लाइव खबरें दिखाई. लेकिन बंगाल के दंगे की खबर कभी लाइव नहीं दिखाया जाता. ऐसे में बंगाल के अस्पताल में डेंगू की महामारी में लोग तड़प-तड़प के मर रहे हैं और एक भी मीडिया लाइव खबरें नहीं दिखा पा रहा है.

पिछले 24 घंटे में छः मरीजों की हुई मौत, 18 हज़ार लोग चपेट में

आपको बता दें बंगाल में लगभग हर दिन किसी न किसी मौत हो रही है. वहीँ ममता सरकार ने कोलकाता हाई कोर्ट में हलफनामा देते हुए कहा कि जनवरी महीने से अब तक केवल 19 मरीज कि मौत हुई है. जबकि अब तक 18 हज़ार 135 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं.यही नहीं सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही छः लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले खुद राज्य के स्वास्थय विभाग ने बताया था कि 41 लोगों की मौत हो चुकी है. यही नहीं इसके लिए ममता सरकार दूसरे राज्यों को दोष दे रही है कह रही हैं की दुर्गा पूजा में लोग अन्य राज्यों में गए थे वहां से डेंगू बीमारी यहाँ फ़ैल गयी.
source - http://politicalkhabar.in

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