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ऐसे ही वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने भारतीय मीडिया को दुनिया की दूसरी सबसे नीच मीडिया का ख़िताब नहीं दिया, भारतीय मीडिया आधारहीन रिपोर्ट चलाती है, बकवास और एजेंडा चलाती है, भारतीय मीडिया की कोई विश्वसनीयता ही नहीं है, और 2 ताजा मामले सामने आये है जिस से आपको भारतीय मीडिया पर क्रोध आ जायेगा
आपकी जानकारी के लिए पहले बता दें की गुरुग्राम के रयान स्कुल में छोटे बच्चे प्रद्युम्न की हत्या करी गयी थी, शुरू में पुलिस ने स्कुल के बस कंडक्टर को शक के कारण गिरफ्तार किया था, और मीडिया ने देश के लोगों को ये खबरें दी थी
बस कंडक्टर ने बच्चे का रेप करने की कोशिश की, और नाकाम रहने पर चाक़ू से उसकी हत्या कर दी, मीडिया लोगों को यही कहानी बता रही थी, दैनिक भारत ने अपने पाठकों को उसी समय आगाह किया था की थोड़ा सा इंतज़ार करें बहुत कुछ सामने आएगा, और आज ऐसा ही हुआ
जांच सीबीआई को सौंपी गयी और सीबीआई ने जान पूरी भी कर ली, इस स्कुल के 11वी कक्षा के छात्र ने ही प्रद्युम्न की हत्या करि, और वो घर से ही बैग में रखकर चाक़ू लाया था, छात्र स्कुल में होने वाले एग्जाम और पैरेंट टीचर मीटिंग को टालना चाहता था, और उसने इसी कारण प्रद्युम्न की हत्या करि, स्कुल को इस बात की पूरी जानकारी थी, और स्कुल की अधिक बदनामी न हो इसलिए गरीब कंडक्टर को फंसा दिया गया, और बिना किसी जानकारी के मीडिया ने बकवास पर बकवास चलाया
सीबीआई ने 11वी के छात्र को हिरासत में भी ले लिया है, और उसे जूवेनिअल अदालत के सामने पेश किया जायेगा, उसने लिखित में अपना गुनाह भी कुबूल कर लिया है, ये तो पहला मामला रहा
आपको याद होगा पश्चिम बंगाल में 2015 में 71 साल की ईसाई नन का बलात्कार किया गया था जिसमे मीडिया ने हिन्दू संगठनो का नाम लिया था, उस केस में भी कोलकाता की निचली अदालत ने नरुल इस्लाम नाम के शख्स को दोषी घोषित किया है और उस खबर पर भी मीडिया की जबान बंद है, भारतीय मीडिया की कोई विश्वसनीयता रही ही नहीं, मीडिया की खबरों पर भरोसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है
source - http://www.dainik-bharat.org
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