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चीन को एक बार उसकी भाषा में भारत ने जवाब दिया है और ऐसा जवाब दिया है कि एक ही झटके में चीन चित हो गया,पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले चीन की हेकड़ी निकली !
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चीन और भारत के रिश्ते किसी से छुपे नहीं है और यही वजह है चीन किसी ना किसी तरह से भारत पर अपना दवाब बनाए रखना चाहता है,पर हर बार चीन पर ये बाजी उलटी पड़ जाती है.आपको बता दें कि इस बार चीन की नजर कश्मीर पर थी वो पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए भारत पर कश्मीर के मुद्दे पर दवाब बनाना चाहता था.
चीन की ये भूल उस पर पड़ी भारी,आपको बता दें कि चीन ने कश्मीर मुद्दे पर सृजनात्मक भूमिका निभाने की बात की थी जिसे भारत ने ख़ारिज करते हुए चीन के साफ़ संदेश देते हुए कहा है कि वो अपनी हद में रहे और कश्मीर का नाम ना ले तो थी अच्छा है.कश्मीर में आंतकवाद सबसे बड़ी जड़ है जो की पाकिस्तान की दें है लेकिन चीन ने आज तक आंतकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कुछ नहीं कहा.आपको बता दें पिछली कांग्रेस सरकार कश्मीर मुद्दे पर देशद्रोही अलगाववादियों से बात करती थी लेकिन इस सरकार ने पिछले तीन सालों से एक बार भी उन देशद्रोहियों से कश्मीर मुद्दे पर बात नहीं की,ये संदेश है उन देशद्रोहियों को अब बात होगी सिर्फ आंतकवाद पर
चीन ने ऐसी बात भारत के सामने रख कर एक तरह से अपना पाकिस्तानी प्रेम जाहिर किया है.पर चीन इस बात को भूल रहा था की अब ये भारत पहले वाला भारत नहीं है अब इस भारत की सरकार बदल चुकी है और सरकार बदलने के साथ ही उसी नीतियाँ भी बदली हैं अब चीन हो या पाकिस्तान हो कोई भारत को नहीं झुका सकता.
एक वक़्त था जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तो चीन हो या पाकिस्तान हो हर कोई भारत को झुकाने का काम करता था.जो नवाज शरीफ आज भारत के सामने भीगी बिल्ली बनकर बैठा हुआ है वो नवाज शरीफ कांग्रेस के समय भारत के प्रधानमंत्री को देहाती औरत बोलता था.
आज चीन पाकिस्तान दोनों अच्छे से समझ चुके हैं भारत में मोदी के रहते हुए उसे झुकाया नहीं जा सकता.पाकिस्तान को उसका जवाब भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक से मिल चूका है और चीन को उसका जवाब सिक्किम के डोकलाम इलाके में मोदी सरकार दे चुकी है !
Source: http://www.dainikbharat.net/2017/07/blog-post_14.html
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